राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट:

आदीवासीयों का जमीन ओर राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट:

बाबरी मजीद, आयोद्धा

माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि "राम मंदिर एवं मुस्लिम मस्जिद" के बारे में आस्था से जुड़े मुद्दे पे कोई फैसला नही होगा  ।। सिर्फ जमीन के मुद्दे पे फैसला होगा कि जमीन किसकी है, हिंदु की या मुसलमान की ।

हिंदु कहते है कि, " रामजन्म भूमि की जमीन मुस्लिमो के आक्रमण के वक्त छीन ली गयी थी और फिर मस्जिद बनाई गई थी, मूल जमीन हिंदुओ की थी "

अब सवाल यह खड़ा होता है कि, माननीय सुप्रीम कोर्ट का फैसला 5 जनवरी 2011 कहता है कि पूरा भारत सिर्फ आदिवासियों का है । और सभी धर्म चाहे वो हिंदु हो या मुस्लिम या अन्य कोई, एवं सभी अन्य जातिया, समुदाय, कॉम सभी विदेशी है ।

तो जिस जमीन पे फैसला हो रहा है वो तो " हिंदु" के भारत मे आने से पूर्व आदिवासियों की ही थी । हिंदुओ ने भी तो आक्रमण करके ही आदिवासियों से छीनी हुई थी यह जमीन । यह बात माननीय सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट एवं साबित हो चुकी है ।


तो फिर " अयोध्या" में मंदिर या मस्जिद बनाने का सवाल ही कहाँ खड़ा होता है, क्योंकि वो जमीन ना तो हिंदुओ की है और ना मुस्लिमो की ।

वो जमीन सिर्फ आदिवासियों की है ।। मूल वंशज, स्वदेशी आदिम जाति आदिवासियों की है । जबरदस्ती कर सकते हो, मनमानी कर सकते हो, संख्या के बल से या अन्य किसी रास्ते से वो जमीन हथिया सकते हो किन्तु, कानूनी राह पे कभी नही साबित कर सकते की वो जमीन आदिवासियों की नही है ।

यह बात माननीय सुप्रीम कोर्ट को भी पता है, इसी लिए इन्होंने कहा है कि आस्था के मुद्दे पे फैसला नही होगा । सच को परेशान किया जा सकता है, लेकिन हराया नही जा सकता ।

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